संयुक्त राष्ट्र,भारतीय संविधान, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय कानून के मानवाधिकारों के सार्वभौमिक घोषणा पत्र का अनुसरण करना, अपनाना और बढ़ावा देना ।
राज्य मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के उद्देश्य का पालन करना व संविधान में प्रदत्त मौलिक एवं मानव अधिकारों के लिए सभी को जागरुक करना, अधिकार दिलाने व सुरक्षित करने के उद्देश्य से संघर्ष करना ।
सरकारी व गैर सरकारी विभागों में व्याप्त रिश्वतखोरी व भ्रष्टाचार को रोकना।
भ्रष्ट और रिश्वतखोर अधिकारियों पर कानूनी कार्यवाही कराना व सजा दिलवाना ।
सरकारी अस्पतालों में सरकार द्वारा गरीबों के इलाज के लिए दी जाने वाली सुविधाओं का लाभ गरीबों को दिलाना।
सरकारी डॉक्टरों के द्वारा अस्पताल में आए हुए मरीजों से पैसा वसूलने, सरकारी दवा ना देने, बाहर से दवा लिखने या मरीज के साथ दुर्व्यवहार करने पर कानूनी कार्यवाही करवाना।
जुर्म अन्याय व भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए संघर्ष करना और शासन प्रशासन का सहयोग करना।
कन्या भूण हत्या रोकना व समाज को जागरुक करना।
बाल विवाह व महिलाओं पर हो रहे उत्पीड़न पर अंकुश लगाना।
महिलाओं को सशक्तीकरण करने के उद्देश्य से योजनाएं संचालित करना व महिलाओं को जागरुक करना ।
महिलाओं के साथ हो रहे शारीरिक व मानसिक शोषण को रोकना व दहेज प्रथा को बंद करना ।