माननीय सर्वोच्च न्यायलय एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तथा पुलिस रेगुलेशन के द्वारा दिए गए पुलिस थाने में मानवाधिकार संरक्षण को मानवाधिकार संरक्षण समितियों के माध्यम से सम्पूर्ण भारत में लागू करवाकर प्रत्येक नागरिक को मानवाधिकार की सुरक्षा प्रदान करना।
नगर मानवाधिकार सुरक्षा समिति के सुरक्षा चक्र में न्यूनतम 500 सदस्य होना अनिवार्य लक्ष्य है । वार्ड मानवाधिकार सुरक्षा समिति के सुरक्षा चक्र में न्यूनतम 300 सदस्य होना अनिवार्य लक्ष्य है। सेक्टर मानवाधिकार सुरक्षा समिति के सुरक्षा चक्र में न्यूनतम 125 सदस्य होना अनिवार्य लक्ष्य है। इन सुरक्षा चक्रों के सदस्यों का पंजीकरण अपनी अपनी समिति के समस्त पदाधिकारी मिलकर करेंगे।
जिला /नगर सुरक्षा समिति के पदाधिकारी के पदनाम एवं संख्या -1 अध्यक्ष 1 संयोजक 5 उपाध्यक्ष 4 महासचिव 4 सचिव 4 संयुक्त सचिव 1 वित्त नियंत्रक 6 संगठन सचिव 6 शिक्षा सचिव 6 प्रचार सचिव 2 प्रवक्ता 3 मीडिया प्रभारी 7 जनसम्पर्क अधिकारी।
ब्लॉक /वार्ड सुरक्षा समिति के पदाधिकारी के पदनाम एवं संख्या -1 अध्यक्ष 3 उपाध्यक्ष 3 महासचिव 4 सचिव 4 संयुक्त सचिव 4 शिक्षा सचिव 2 प्रवक्ता 2 मीडिया प्रभारी 7 जनसम्पर्क अधिकारी। ग्राम पंचायत /सेक्टर सुरक्षा समिति के पदाधिकारी के पदनाम एवं संख्या -1 अध्यक्ष 3 उपाध्यक्ष 3 महासचिव 4 सचिव 4 संयुक्त सचिव 4 शिक्षा सचिव 3 प्रचार सचिव 3 जनसम्पर्क अधिकारी।
उम्र-21 वर्ष से कम न हो। सामाजिक स्थिति साफ सुथरी हो। किसी आपराधिक मामले में सजा न हुई हो। गैर राजनितिक हो। समाज कार्य में रूचि हो। जान संपर्क का अनुभव हो। मोबाइल फ़ोन धारक हो।
कोई भी सरकारी पहचान -पत्र एवं चरित्र प्रमाण पत्र की छाया प्रति सदस्यता आवेदन पत्र के साथ संलग्न करना आवश्यक है।
जिला/नगर मानवाधिकार सुरक्षा समिति एवं इसके चक्र में शामिल होने के लिए आजीवन सदस्यता ग्रहण करना अनिवार्य है। आजीवन सदस्यता शुल्क रू ० 2100 /-मात्र है। सदस्यता आजीवन के लिए वैध है। ब्लॉक /वार्ड मानवाधिकार सुरक्षा समिति एवं इसके सुरक्षा चक्र एवं ग्राम पंचायत /सेक्टर मानवाधिकार सुरक्षा समिति एवं इसके सुरक्षा चक्र में शामिल होने के लिए न्यूनतम विशिष्ट सदस्य्ता ग्रहण करना अनिवार्य है। विशिष्ट सदस्यता शुल्क रू ० 1100 /- मात्र हैं। सदस्यता 5 वर्ष के लिए वैध है।
उम्र-21 वर्ष से कम न हो। सामाजिक स्थिति साफ सुथरी हो। किसी आपराधिक मामले में सजा न हुई हो। गैर राजनीतिक हो। समाज कार्य में रूचि हो। जन संपर्क का अनुभव हो। मोबाइल फ़ोन धारक हो।
कोई भी सरकारी पहचान -पत्र एवं चरित्र प्रमाण पत्र की छायाप्रति
मानवाधिकार सुरक्षा समिति एवं इसके चक्र के आजीवन सदस्य द्वारा व्यक्तियों को संघ की सदस्यता ग्रहण करवाने की दशा में नीति सम्मत मानदेय प्रदान किया जायेगा। प्रतिमाह अनिवार्य न्यूनतम 5 आजीवन सदस्य पंजीकृत करने पर रु ० 2000/- अथवा 10 विशिष्ट सदस्य पंजीकृत करने पर रु ० 2000/- नीति सम्मत मानदेय दिया जायेगा। यदि प्रतिमाह अनिवार्य न्यूनतम लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जाता है तो प्रति आजीवन सदस्यता पर रु ० 400 /- एवं प्रति विशिष्ट सदस्यता रु ० 200 /- की कटौती की जाएगी। मानवाधिकार सुरक्षा समिति एवं इसके चक्र के विशिष्ट सदस्य द्वारा किसी व्यक्ति को सदस्यता ग्रहण करवाने की दशा में विशिष्ट सदस्य को नीति सम्मत मानदेय प्रदान किया जायेगा।
प्रतिमाह अनिवार्य न्यूनतम 7 आजीवन सदस्य पंजीकृत करने पर रु ० 2000/- अथवा 14 विशिष्ट सदस्य पंजीकृत करने पर रु ० 2000/- नीति सम्मत मानदेय दिया जायेगा। यदि प्रतिमाह अनिवार्य न्यूनतम लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जाता है तो प्रति आजीवन सदस्यता पर रु० 300 /- एवं प्रति विशिष्ट पर रु० 150 /- की कटौती की जाएगी।
जिला/नगर मानवाधिकार सुरक्षा समिति के प्रत्येक पदाधिकारी को न्यूनतम 3 आजीवन सदस्य एवं 4 विशिष्ट सदस्य बनाना अनिवार्य लक्ष्य है। ब्लॉक /वार्ड मानवाधिकार सुरक्षा समिति के प्रत्येक अधिकारी को न्यूनतम 2 आजीवन सदस्य एवं 6 विशिष्ट सदस्य बनाना अनिवार्य लक्ष्य है एवं ग्राम पंचायत /सेक्टर मानवाधिकार सुरक्षा समिति के प्रत्येकपदाधिकारी को न्यूनतम 2 आजीवन सदस्य एवं 6 विशिष्ट सदस्य बनाना अनिवार्य लक्ष्य है। 60 दिन में जो पदाधिकारी अपना अनिवार्य लक्ष्य पूर्ण नहीं करता है तो उसका पद शून्य कर उसे सुरक्षा चक्र में दाल दिया जायेगा। जहां वह मात्र सदस्य रह जायेगा।
मानवाधिकार सुरक्षा समिति एवं इसके सुरक्षा चक्र के विशिष्ट सदस्य को विजिटिंग कार्ड एवं सदस्यता प्रमाण पत्र हेतु अलग से निर्धारित धनराशि जमा करना अनिवार्य होगा।
मानवाधिकार सुरक्षा समिति एवं सुरक्षा चक्र के सदस्यों के ऊपर किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा जैसे -बाढ़ ,सूखा ,आगजनी ,तूफ़ान ,महामारी,एवं गंभीर बीमारी आने की स्थिति में कल्याण निधि से आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। एक जिला/नगर में रु ० 5 लाख की कल्याण निधि बनाई जाएगी।
गुटबाजी अथवा गुटबंदी बनाने या करने की दशा में। दिए गए उत्तरदायित्वों का निर्वहन न करने की दशा में। किसी प्रकार का वाद जैसे -जातिवाद ,सम्प्रदायवाद अथवा क्षेत्रवाद जैसी सामाजिक बुराइयों को समर्थन देने की दशा में। किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की दशा में। आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने अथवा समर्थन करने की दशा में। पंजीकरण करवाने वाले इच्छुक व्यक्ति को गुमराह करने अथवा असत्य जानकारी देने की दशा में। निर्धारित सदस्यता शुल्क से अधिक शुल्क लेने की दशा में। कार्य उद्देश्यों की प्राप्ति में असहयोग करने पर। देश /समाज/विधि विरुद्ध कार्य दशा में।
मानवाधिकार सुरक्षा समिति एवं सुरक्षा चक्र के समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सूची समिति क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले थाने के थानाध्यक्ष को इस आशय से प्रेषित की जाती है कि समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य किसी भी समय उनसे मिलकर अपने क्षेत्र में होने वाले मानवाधिकार उल्लंघन से अवगत करा सकते है। एवं आवश्यकता अनुसार कानूनी सहायता भी ले सकते है।